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हेल्थ इज वेल्थ


आधुनिक समय भागदौड़ और तेज रफ्तार का है। ऐसे समय में हम अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाते।  एक कहावत है हेल्थ इज वेल्थअर्थात स्वस्थ्य शरीर ही सबसे बड़ा खजाना है, परंतु हम इतने लापरवाह हो चुके है कि अपनी सेहत का बिल्कुल ध्यान नहीं रख पाते। नतीजा यह निकला है कि हम अपने जीवन का सुख अच्छे से नहीं भोग पाते। चाहे आपके पास कितना भी धन क्यों न हो परंतु अगर सेहत तंदुरूस्त नहीं है तो उस धन का भी क्या फायदा जो आपको सुख ना दे सकें। आज हम देखते है कि छोटे बच्चे भी ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ह्रदय रोग, कोलेस्ट्रोल, मोटापा, गठिया, थायरॉइड जैसे रोगों से पीड़ित होने लगे हैं जो कि पहले प्रोढ़ावस्था एवं व्रद्धावस्था में होते थे। अगर आप या परिवार का कोई भी सदस्य हमेशा किसी न किसी बीमारी से ग्र स्त रहते हैं तो आपकी इस बीमारी के पीछे वास्तुदोष भी एक कारण हो सकता है। वास्तुदोष की वजह से आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है और आप ज्यादातर बीमार पड़ते हैं।

– वास्तु के अनुसार सोते समय अपने आसपास पानी की कोई वस्तु न रखें। पानी से संबंधित कोई भी पेंटिंग या टेलीविजन शयन कक्ष अर्थात बैडरूम में नहीं होना चाहिए।

– आपके बैडरूम में शीशा है तो ध्यान रखें कि शीशें में आपका बैड दिखाई न दे। यह अग्नि तत्व को कम कर देता है जिसका आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। संभव हो तो बैडरूम में शीशा ना लगवाएं।

– वास्तु के अनुसार देखा जाए तो छत में लगे बीम अर्थात टिंबर के नीचे कभी भी सोना नहीं चाहिए अन्यथा आपके सिर में हमेशा दर्द रहेगा और स्वभाव में चिड़चिड़ापन उत्पन्न होगा, जिसके कारण परिवार के लोगों के साथ अनबन होगी और मानसिक तनाव उत्पन्न होगा।

– जब घर में रखे हथियार,जानवरों के दांत या मुख का मुंह घर के सदस्यों की तरफ रहता है तो घर में स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कते बनने लगती है। मानसिक चिंताएं एवं तनाव भी बढ़ता है।

– जिस घर का दरवाजा वास्तु के अनुसार सामने की तरफ खुलता है ऐसे कमरे में कभी भी न सोएं। ऐसे कमरे से निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छी नहीं होती, यह बीमारी का कारण बनती है।

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